
कहते है ऊपर बैठा एक खुदा सब कुछ देखता है ...
अगर सच में ऐसा है तोह ,
मेरे हिस्से कि हर एक ख़ुशी मेरी जान को दे दे ..
मैं रहु किसी भी हाल में ...
उसहे हमेशा खुश हाली दे ...
जिंदगी मुझे न दे ....
पर...
मेरी जान कि जिंदगी जन्नत बना दे ...
ये जिन्दगी अब मुझ पर उधारी सी हो गयी है
धड़कने इस दिल पर लाचारी सी हो गयीं है
कुछ खोकर कुछ पाने की चाह में
फिदरत अपनी अब जुआरी सी हो गयी है
जिंदगी मुझे न दे पर मेरी जान कि जिंदगी जन्नत बना दे ...

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